विद्या भारती ने महात्मा गाँधी की शिक्षा निति को लागू किया है |

विद्या भारती ने महात्मा गाँधी की शिक्षा निति को लागू किया है |

हापुड़,१५ अप्रैल | निकटवर्ती ग्राम रसूलपुर में संत गंगादास सरस्वती शिशु मंदिर का वार्षिकोत्सव मनाया गया | ग्राम भारती (आचार्य प्रषिकण संस्थान ) के निर्देशक ओमपाल सिंह ने कहा कि जब हमारा देश स्वतंत्र हुआ तब हमारे देश के शीर्ष पुरुष महात्मा गाँधी ने ऐसी शिक्षा निति की अव्यशक्ता महसूस की जिससे हमारे देश की चुह्न्मुन्खीप्रगति कर सके | परन्तु उस समय की वर्तमान सरकार उनकी शिक्षा निति को लागू न कर पायी तब उनकी शिक्षा निति को लागु करने की जिम्मेदारी विधा भारती ने ली | जिसका आधार पूर्णतया भारतीय शिक्षा पद्धति पर हे | विधा भारती द्वारा संचलित सरस्वती शिशु मंदिरों में पढने वाले बच्चो को संस्कारमय शिक्षा प्रदान की जाती है |

आज चारो और एक वातवरण निर्माण हो रहा है जिसमे बच्चो से कहा जाता है कि यदि नहीं पढ़ोगे तो तुम्हारा ही नुकसान होगा परन्तु शिशु मंदिरों में पढने वालो को बताया जाता कि तुम्हे राष्ट के लिए पढना है |

कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष कार्यक्रम अध्यक्ष रामनरेश रावत ने दीप प्रज्वल्लित करके किया | छात्रों ने विभिन्न रंगमंच ,गीत व शारीरिक के कार्यो से उपस्थित जनों पर एक विशेष प्रभाव छोड़ा है स्वर की देवी माँ , आज अतिथि बन के आज आये है ,मैंने रंगा बसंती चोला ,वंशी वाले ने फोरी ,सत्यनारायण की कथा आदि रंगमंच के कार्यक्रम हुए |

रसूलपुर में जन्मे खड़ी बोली के प्रथम कवी संत गंगादास पर शोध करने वाले डॉ जग्गनाथ शर्मा की स्वामी विवेकानंद मंच के महामत्री भारत भूषण गर्ग ने उन्हें स्वामी विवेकान्नद का चित्र भेट किया | इस अवसर पर डॉ शर्मा ने कहा कि जब कभी आते है और एक मानसिक शांति का अनुभव करते है |

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